Author: Nikhil, Nitesh and Priyanka

Nikhil, Nitesh and Priyanka are creative practitioners at the Ankur Kitabghar in Savda Ghevra, Delhi. Ankur Society for Alternatives in Education runs centres in working class settlements in several parts of Delhi where young people are encouraged to engage with the arts.
सावदा घेवरा के पाठक
Issue 10 – July 2019, Spotlight

सावदा घेवरा के पाठक

आइये मिले पाठकों से अंकुर किताबघर में किशोर-किशोरियाँ किताबों की दुनिया से जुड़ते हैं। किताबों को पढ़ते हैं, परखते हैं, सराहते हैं और उनके साथ रचनात्मक खेल भी करते हैं। किताबघर में कहने-सुनने, देखने-समझने, पढ़ने-लिखने और बयां करने के अलग-अलग अंदाज़ के लिए जगह है। साथी कहानियाँ पढ़ते भी हैं, और रचते भी हैं। कभी पढ़ी हुई कहानियों में अपनी रचनाओं के सिरे ढूंढ़ते हैं तो कभी अपने आसपास की घटनाओं और किरदारों से कहानियाँ बुनते हैं। अपनी रचनाओं को मोहल्ले में बाँटते हैं और मोहल्ले के लोगों को किताबघर से जुड़ने के लिए आमंत्रित करते हैं। अंकुर किताबघर, सावदा घेवरा के साथियों ने अपने मोहल्ले की ऐसी शख्सियतों को तलाशा जिन्हें किताबों से लगाव है और पढ़ने से जुड़े उनके क़िस्सों को सुना। ये क़िस्से थे रोज़ाना की ज़िम्मेदारियों और पाबंदियों में पढ़ने के लिए वक़्त चुराने के; पढ़ने के ठिकाने ढूंढ़ने के; पढ़ने की लत लगने के; ...